यह पीतल की मूर्ति है जिसमें भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को शेषनाग पर विराजमान दिखाया गया है। यह मूर्ति दिव्य संरक्षण, समृद्धि और वैवाहिक harmony का प्रतीक मानी जाती है।
समृद्धि: देवी लक्ष्मी धन की देवी हैं, और भगवान विष्णु के साथ उनकी प्रतिमा घर में रखने से धन, समृद्धि और आर्थिक स्थिरता आती है. सुख-शांति और सद्भाव: भगवान विष्णु ब्रह्मांड के संरक्षक और पालनकर्ता हैं. उनकी उपस्थिति से घर में शांति, प्रेम और पारिवारिक एकता बनी रहती है. सकारात्मक ऊर्जा और सुरक्षा: यह मूर्ति घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और सकारात्मकता का संचार करती है. यह दिव्य सुरक्षा का भी प्रतीक है. संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति: यह संयोजन भौतिक समृद्धि (लक्ष्मी) और आध्यात्मिक ज्ञान/कर्तव्य (विष्णु) के बीच संतुलन का प्रतीक है. इनकी उपासना से मन शुद्ध होता है और व्यक्ति धर्म के मार्ग पर चलता है.